About Me

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I am a student of pgdm/mba in EMPI business school,New Delhi. Though i am not a professional writer but i love putting my inner heart's feeling into words and people say its a poems and me a poet; Yes i worked with All India Radio in my my teenage because of these poems which i wrote but still i don't feel like a poet or what ever.I feel these are just your feelings whom you give shape by writing in words. I never go behind any thing which i don't like, i am just king of my own kingdom. Love enjoying and spending time in traveling to new places and with nature. And more you can easily decide by analyzing my creations on the blog...

Wednesday, March 28, 2012

दिल की सुनु या दिमाग की ?


कभी कभी इस जन्दगी में ऐसे मुकाम आते हैं,
जहाँ हम चाह  कर भी कोई कदम नहीं उठापाते हैं, 
हर वक़्त एक टीस इस दिल  से उठती रहती है,
हर वक़त हम बस दर्द का घुट पिए जाते हैं,
सुनु मै दिल की या दिमाग की ये फैसला नहीं कर पाते हैं ,
द्वन्द भरी इस जिंदगी में यू ही हजार मुश्किले है "अभी",
फिर भी हर वक़्त नई नई मुश्किले पैदा कर के,
हम बस उनसे भागते जाते हैं भागते हैं,
जिंदगी जो बीत गई है वो भी लौट के आती  है मेरे यार,
वो देगी ख़ुशी या देगी ग़म,
उसके हम खुद ही होते है जिम्मेदार,
कई गलतियां कभी सुधर नहीं पाती हैं,
जैसे हम चाह के भी अपनी परछाइयों से भाग नहीं पाते हैं,
बस एक ही रास्ता होता है इन्तेजार सही वक़्त का,
जब खुद-ब-खुद हर हर अक्श अंधेरो में मिल्जाते हैं,
और नई रौशनी के इन्तेजार में,
नई जिंदगी का सपना हम  अपनी आँखों में सजाते हैं


Life is ever changing, if its not good at this time just wait and watch, Coz Every day ends at night and every night ends with the start of new day which is always filled of hope and confidence.
Wising You All The Very Best for What Ever You Do.

सप्रेम भेट
अभिनव अनुराग   




Monday, January 23, 2012

ज़िन्दगी इस तरह से लगने लगी रंग उड़ जाए जो  दीवारों से , अब छुपाने को अपना कुछ्ना रहा जख्म दिखने लगे दरारों से, भूल करना तो मेरी फितरत में है , क्यों की इंसा हु मै नहीं हु खुदा , मुझ को है अपनी हर खता मंजूर,  भूल हो जाती है इंसानों से, कुछ हमारे भी साथ ऐसा हुआ, हम यही कह रहे इशारो से.....ज़िन्दगी इस तरह से लगने लगी रंग उड़ जाए जो  दीवारों से , अब छुपाने को अपना कुछ्ना रहा जख्म दिखने लगे दरारों से...!!!!

Friday, December 24, 2010

Koi Guarantee Nahi...

आज कल तो कोई काम पैसे के बिना होता नहीं,
पैसे देने के बाद भी हो जाए इस की कोई गारेंटी नहीं,
आज कल तो हर जगह छपा होता है--कृपया करे गारेंटी की इक्चा नहीं,
इस का मतलब क्या उन का काम सही नहीं?
वादे तो सब करते है मगर निभाता कोई नहीं,
जो निभाता है वो भी सच्चे मन से निभा रहा है की नहीं इस की कोई गारेटी नहीं,
इस लिए दोस्तों ऊपर लिखी बाते सही है या नहीं,
इस की भी कोई कोई गारेंटी नहीं...

आज के रिस्तो को बाजार के आधार पर ढालने की एक कोशिश.
ये रचना भी ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित की गई थी...
और अब मेरे सारे  मित्रो को समर्पित.

Aaj Is Desh Ka haal...

आज इस देश में जिसे बसना है,                                    
करना तो उसे दिक्कतों का सामना है ,
ये तो भ्रष्ट नेताओ का जमाना है,
उनका  तो काम ही सरकारे गिरना है,
और हो सके तो
बार बार हर साल चुनाव करवाना है ,
 चुनाव के पहले तो वादे करना है ,
बाद में भले ही मुकर जाना  है,
उन का तो काम ही बस अपने खातो को आगे बढ़ाना है,
और सिर्फ घोटालो को करना है,
पशुओ का चारा और सड़क का अलकतरा भी नहीं छोड़ना है,
उसे भी खा पका कर पचा जाना है,
जनता की एक विनती नहीं सुनना है ,
मगर हर विनती को ठुकराना है,
आम आदमी की जिंदगी तो बन गई एक घटना है,
जिस के साथ हर दिन हल पल,
होती एक दुर्घटना है.

ये हास्य और व्यंग को समाहित किए हुए आज के समाज की एक सच्ची  तस्वीर को उजागर करने किए छोटी से कोशिश थी,
उम्मीद करता हु आप लोगो को पसंद आएगी.
ये रचना मेरी जिंदगी की पहली रचना भी है जिसे All India Radio पर मेरे द्वारा प्रस्तुत भी किया है.
और अब ये आप सभी मित्रो को समर्पित.

Thursday, December 23, 2010

Pehla Ehsaas...

पहला एहसास इस नए जीवन का ,
पहला है  सफ़र , नजाने कहाँ ले जाएंगी मंजिले ,
ना हमें है ना तुम्हे है खबर.
ये जिंदगी भी अजीब है हर कदम पे नए मुहाने आते है,
हर मोड़ पे नए दोस्त बनजाते  है,
इस दोस्ती की तलाश में हम सायद खुद को भी भूल जाते है.
मगर भूलना मत मेरे दोस्त मुझे ,
क्यों की इसी दोस्ती की आस में ही  हम जी पाते है .
उम्मीद की किरण हम जला अभी रहे है,
भुझाने को इसे कई तूफ़ान आरहे है ,
अब दोस्ती का ही है सहारा  जिस की उम्मीद हम आप से किए जा रहे है.

आप सभी को
अभिनव अनुराग की ओर से 
सप्रेम समर्पित.